केंद्रीय जेल में रोजा इफ्तार के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। इस दौरान बंदियों ने जेल में चम्मच को घिसकर चाकू की तरह उपयोग करते हुए एक दूसरे पर हमला किया। हमले में चार लोगों को चोट आई थी। घायलों का जेल अस्पताल में ही उपचार कराया गया। इस पूरे मामले की जांच के बाद पुलिस ने आठ दिन बाद हत्या के प्रयास और बलवा का मामला दर्ज किया है।

केंद्रीय जेल में कवर्धा और रायपुर के कुछ बदमाशों को शिफ्ट किया गया है। वहीं, बिलासपुर के भी कुछ बदमाश केंद्रीय जेल में बंद हैं। रायपुर और कवर्धा के बदमाशों ने एक गुट बना लिया है। वर्चस्व को लेकर बिलासपुर और रायपुर के बदमाशों के बीच विवाद चल रहा है। आठ दिन पहले 22 मार्च को रोजा ईफ्तारी के दौरान एक समुदाय के ही दो गुट के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्ष के लोगों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। हमले में बंदियों ने चम्मच को घिसकर चाकू की तरह उपयोग किया। इस हमले में चार लोगों को चोटे आई। जेल के कर्मचारियों ने दोनों पक्ष के लोगों को अलग किया। इसके बाद घायलों का जेल अस्पताल में ही उपचार कराया गया।सबकुछ शांत होने के बाद जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने मामले की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी।जिसके बाद घटनास्थल जेल पहुंचकर सिविल लाइन पुलिस ने पूरे मामले की पड़ताल की। तब पता चला कि मौसीन खान उर्फ चूहा, आसिफ खान, रफीक खान, इंदीत खान, अब्दुल अयाज खान,अब्दुल मेहताब खान ने मिलकर अल्ताफ खान, फिरोज खान, जलील खान, कमर अली खान पर हमला कर दिया और जमकर हथियार भी चलाए। दूसरे पक्ष के लोगों ने भी जमकर मारपीट की।

जिस दिन जेल में गैंगवार हुआ, उस दिन कैदियों के घायल होने की खबर आई थी। लेकिन जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने इसे सामान्य विवाद बताकर मामले को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने इस घटना में किसी के घायल होने से भी इंकार कर दिया था। जब मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच कराई गई, तब गैंगवार और हमले होने की बात सामने आई। इसके बाद जेल प्रशासन ने सभी कैदियों का जिला चिकित्सालय में गुपचुप तरीके से मुलाहिजा भी कराया।


