
अंबिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल हुईं। उन्होंने जनजातीय विरासत, मुरिया दरबार जैसी परंपराओं और केंद्र की योजनाओं धरती आबा, जनमन और आदि कर्मयोगी को महत्वपूर्ण बताते हुए नक्सलवाद में आई कमी पर संतोष जताया।

राष्ट्रपति ने पीवीटीजी व विभिन्न जनजातीय समाजों के प्रमुखों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का सम्मान किया। उन्होंने बिरहोर, बैगा, अबूझमाड़िया, पंडो सहित कई प्रतिनिधियों से भेंट की और पंडो समाज के बसंत पंडो को शॉल ओढ़ाकर स्नेह प्रकट किया।

कार्यक्रम में पारंपरिक आवास, देवगुड़ी, वाद्ययंत्र, आभूषण और जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी लगाई गई। राष्ट्रपति ने अखरा नृत्य व जनजातीय मॉडलों का अवलोकन किया। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय विकास, आजीविका और तेंदूपत्ता दर वृद्धि पर जोर देते हुए संबोधित किया।


