अक्षय तृतीया पर्व बड़े ही उत्साह से शुक्रवार को मनाया गया। पर्व के अक्षय मुहूर्त पर लोगों ने जमकर खरीदारी भी की। शहर के बहुत सारे एनजीओ ने कन्यादान महायज्ञ में आर्य समाज पद्धति से सामूहिक विवाह करवाया। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर फिजूल खर्ची और दहेज प्रथा बंद करने तीन जगह पर 33 जोड़े का सामूहिक विवाह का कार्यक्रम आयोजित किया गया।



जिन कन्याओं के माता-पिता नहीं है, उनका लोगों ने कन्यादान किया। प्रदेश भर के लोग इस सामूहिक विवाह में शामिल हुए। साथ ही जरूरत के समान उपहार के तौर पर दिए गए। सुबह से शाम तक विवाह की सारी रस्में एक के बाद एक अदा की गई। शाम को काली मंदिर से ढोल बाजे की धुन पर नाचते गाते लोगों ने बारात निकाली। उसके बाद विधि विधान से पंडितों द्वारा विवाह संपन्न कराया गया।


