
अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटन विकास की संभावनाएं अब और मजबूत होने वाली हैं। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप शुक्रवार को एटीआर के एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का निरीक्षण किया और नए पर्यटक रूट विकसित करने के निर्देश दिए। अचानकमार के घने जंगलों में उस समय हलचल बढ़ गई जब वनमंत्री केदार कश्यप स्वयं निरीक्षण हेतु पहुंचे।

मंत्री ने मुख्य पर्यटक मार्गों का जायजा लिया और अधिकारियों को पर्यटक सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।शिवतराई स्थित बैगा रिसॉर्ट पहुंचने पर स्थानीय ग्रामवासियों और महिलाओं ने मंत्री का पारंपरिक स्वागत किया। उन्होंने रिसॉर्ट के संचालन, कैंटीन व्यवस्था और सोवेनियर शॉप की विस्तृत समीक्षा की और सुधार के बिन्दु तय किए।मंत्री ने निर्देश दिए कि बैगा रिसॉर्ट की आय बढ़ाने के लिए बिलासपुर और रायपुर के होटल संचालकों व टूर ऑपरेटर्स के साथ समन्वय बढ़ाया जाए।

साथ ही एटीआर के प्रचार-प्रसार को तेज कर पर्यटन आकर्षण बढ़ाने पर जोर दिया।उन्होंने अचानकमार क्षेत्र में सड़कों की लंबाई और मौजूदा वाटर बॉडी की मैपिंग कर नए पर्यटक रूट तैयार करने को कहा, ताकि पर्यटकों को वन्य प्राणियों के बेहतर दृश्यावलोकन के अवसर मिल सकें। चरागाह विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए खाद्य घास प्रजातियों के बीज संग्रहण और विस्तार के निर्देश भी दिए।

यह इस वर्ष मंत्री का दूसरा प्रवास था। 19 मई को दिए गए निर्देशों की समीक्षा में अधिकांश कार्यों के पूर्ण होने पर उन्होंने संतोष जताया और कहा कि पर्यटन सुविधाओं में निरंतर सुधार से एटीआर को नई पहचान मिलेगी।निरीक्षण के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडेय सहित वरिष्ठ वन अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री के नए निर्देशों से अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


