अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन 2047 विषय पर संभाग स्तरीय संवाद कार्यक्रम बिलासपुर के लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। संवाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए। इस दौरान प्रबुद्ध वर्गों ने मंच से संवाद करते हुए छत्तीसगढ़ के विकास के साथ छत्तीसगढ़ के विजन 2047 पर अपनी राय रखी।

छत्तीसगढ़ 2047 में उसकी रूपरेखा कैसी होगी विषय पर लखीराम ऑडिटोरियम में 11 बजे से 2 बजे तक चले इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के विकास के साथ छत्तीसगढ़ के विजन 2047 पर सभी से राय और सुझाव आमंत्रित किए गए ।इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह विजन 2047 भारत को नए युग की शुरुआत करने वाला समय होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा विकसित भारत 2047 के साथ आजादी के शताब्दी वर्ष में भारत की आगे की रूपरेखा कैसी होगी इसका पूरा खाखा तैयार किया जा रहा है।



संवाद कार्यक्रम में शिक्षा, व्यवसाय, उद्योग, उच्च शिक्षा, सामाजिक सरोकार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखें। जहां प्रमुख तौर पर एक विकासशील भारत और विकासशील छत्तीसगढ़ किस तरह से बनाया जा सकता है। इस पर हर वर्ग से सुझाव आमंत्रित करते हुए जानकारी साझा की।



इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों के कुलपति, सिम्स के डीन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर,जन स्वास्थ्य सहयोग गनियारी के प्रमुख, अपोलो के यूनिट हेड, एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के संभागीय रेल प्रबंधक, चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि,प्राइवेट स्कूल और शासकीय स्कूल के प्राचार्य, इत्यादि क्षेत्र के ख्याति प्राप्त प्रबुद्ध जन और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अतिथियों ने मंच से कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस विजन के तहत सरकार काम कर रही है और इस कार्यक्रम के माध्यम से जो भी सुझाव आएंगे उस पर अमल किया जाएगा जाहिर तौर पर इस तरह के कार्यक्रम हर वर्ग के लिए बेहद उपयोगी और महत्वपूर्ण भी साबित हो रहे है।






