शासकीय शिक्षक के द्वारा गणेश नगर अन्नपूर्णा कॉलोनी में अवैध प्लाटिंग कर उसको बेचने और अवैध कॉलोनी बनाने की शिकायत लोगों ने नगर निगम से की है। जिसके बाद भवन शाखा अधिकारी सुरेश शर्मा ने मामले में संज्ञान लेते हुए दो मुहानी शासकीय स्कूल के शिक्षक प्रवीण कुमार तरुण और किशोर कुमार तरुण को नोटिस जारी कर अवैध प्लाटिंग के सम्बंध में जवाब मांगा था। जिसके जवाब में शिक्षक प्रवीण कुमार तरुण ने कहा कि उन्होंने प्लॉट के बेचे गए रकम को अपने पिता के इलाज में लगाया है। इसके बाद एक्शन मोड में आये नगर निगम भवन शाखा अधिकारी ने तत्काल तहसीलदार और पटवारी से तलब कर हल्का तोरवा के खसरा नम्बर 954/1 के सम्बंध में जांच पड़ताल कराया।



इस दौरान प्लाटिंग अवैध पाया गया, इतना ही नहीं शिक्षक रहते हुए बड़े-बड़े ख्वाब दिखा कर उसे पूरा करने का सपना दिखाने वाले प्रवीण तरुण ने शासकीय शिक्षक के साथ जमीन का व्यापार कर बिल्डर बनने की ठानी और खुद के द्वारा किये गए अवैध प्लाटिंग पर उसने सड़क बनवाने सहित अवैध निर्माण कार्य करना भी शुरू कर दिया है। गौर करने वाली बात ये है कि जिस प्रवीण कुमार तरुण को अपना दक्षता सरकारी स्कूल में बच्चों के पढ़ाई में लगाने के लिए शासन ने उन्हें शिक्षक बनाया, बजाय उसने अपना शातिर दिमाग का उपयोग गणेश नगर में खुद के द्वारा किये जा रहे अवैध प्लाटिंग पर चलाया और जितना पैसा कमाया सारा डकार गया। फिलहाल नगर निगम के भवन शाखा अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि प्रवीण कुमार तरुण ने जितना भी अवैध प्लाटिंग किया है सबका हिसाब उसे देना होगा और उसके अवैध निर्माण पर भी जल्द ही नगर निगम का बुलडोजर चलेगा।




