वैशाख पूर्णिमा में दान, पूजा एवं सत्संग का बहुत महत्व होता है, चाहे वह वस्त्रदान हो या अन्नदान। ज्ञान विद्या दान हो या समय दान। आनंद सागर सेवा प्रवाह के सदस्यों ने नारायण सेवा एवं बुजुर्गों के सम्मान में भजन, कीर्तन, सत्संग का आयोजन करते हुए वैशाख पूर्णिमा एवं बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर शहर के कल्याण कुंज वृद्ध आश्रम में सायं 4:30 से 6:30 बजे तक भजन कीर्तन सत्संग करके वृद्ध माताओं के साथ अपना समय बिताया।


बुद्ध पूर्णिमा, बैसाख पूर्णिमा से संबंधित मुख्य बातें महत्व बताकर, भजन और सत्संग के माध्यम से कुछ अपनी बात कही और कुछ उन बुजुर्ग माताओं की बातें सुनी जो अपने घर परिवार से दूर अलग वृद्ध आश्रम में अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में समय व्यतीत कर जीवन जी रही हैं। वहां जो भी व्यक्ति जाता है उनमें मातायें अपनापन टटोलती हैं, उनकी आंखें अपनों का इंतजार करती है। सेवा प्रवाह के सदस्यों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किया। वृद्ध आश्रम की माताओं ने भी भजन गाया और कीर्तन में आनंदित होकर नृत्य भी किया। उनके पैर भले ही साथ नहीं दे रहे हों लेकिन उन्होंने हाथ उठाकर आनंद व्यक्त किया।






