कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध वसूली कराई और विरोध करने पर किया प्रताड़ित, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग, हो सख्त कार्यवाही

कथित माइक्रोफाइनेंस कंपनी द्वारा कर्मचारियों और आम नागरिकों के साथ किए गए आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सक्ती जिला निवासी पीड़ित पूर्व कर्मचारी उपेंद्रनाथ चंद्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कर्मचारियों और ग्राहकों से अवैध वसूली की, साथ ही निर्धारित लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करते हुए वित्तीय गतिविधियां संचालित कीं।उपेंद्रनाथ चंद्रा के अनुसार, कंपनी ने नियुक्ति और कार्य के दौरान कर्मचारियों से जबरन लक्ष्य पूरे कराने का दबाव बनाया और नियमों के विपरीत वसूली कराई। शिकायत करने पर उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और अंततः सेवा से अलग कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम नागरिकों से ऋण के नाम पर मनमाना ब्याज वसूला गया, रसीदें और अभिलेखों में हेराफेरी की गई तथा शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य पीड़ितों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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