
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में आयोजित करमा तिहार-2025 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना कर शुरुआत की और करमा दलों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखना केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है।उन्होंने कहा कि करमा तिहार जैसे पर्व समाज में स्नेह, सद्भाव और सौहार्द की भावना को मजबूत करते हैं। सीएम ने आदिवासी समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और वर्तमान सरकार की आदिवासी कल्याण योजनाओं का उल्लेख भी किया।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में संस्कृति संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बस्तर पांडुम ओलंपिक का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति पूरे देश में सम्मान पा रही है।कार्यक्रम में अखिल भारतीय कंवर समाज की संरक्षक श्रीमती कौशिल्या साय ने कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति अभिन्न हैं, करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाने की अपील की।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और कंवर समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे।


