
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट विस्तार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मंत्रिमंडल गठन को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि कैबिनेट में कई वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज किया गया है।बघेल ने कहा कि लता उसेंडी, अजय चंद्राकर और राजेश मूण्त जैसे दिग्गजों को दरकिनार किया गया, जबकि तीन नए विधायकों को मंत्री बनाया गया है,जिनमें से एक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुआ था।हालांकि उन्होंने शपथ लेने वाले मंत्रियों को बधाई भी दी।पूर्व मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्रियों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक कर दी गई है। बघेल ने सवाल उठाया कि 14 मंत्रियों की संख्या बढ़ाने की अनुमति कब मिली और इसे गजट में अधिसूचित कब किया गया।उन्होंने कहा कि यदि इस विस्तार के लिए अनुमति नहीं ली गई, तो राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने असंवैधानिक कार्य किया है। बघेल ने दावा किया कि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से भाजपा में असंतोष बढ़ रहा है।


