बड़े-बड़े सपने दिखाकर बिल्डर ने मकान तो बेच दिया लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं दिया। यहां तक की कॉलोनाइजर ने बिजली बिल जमा करने के नाम पर भी कॉलोनी वासियों से बड़ी धोखाधड़ी की है, जिसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है। सकरी के ग्लोबल कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने सोमवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी व्यथा से प्रशासन को परिचित कराया। जिन्होंने बताया कि बिल्डर ने अनुबंध में किए गए किसी भी वायदे को पूरा नहीं किया। मकान खरीदते समय सभी ने स्थाई कनेक्शन के लिए पैसे जमा किए थे लेकिन बिल्डर ने अस्थाई बिजली कनेक्शन लिया, जिस कारण से भारी भरकम बिल आ रहा है। बावजूद इसके कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने इस बिल का भी पैसा बिल्डर को दिया जिसने बिल जमा ही नहीं किया और अब लाखों का बिल उन्हें थमा दिया गया है। जिसका भुगतान नहीं करने पर इस भीषण गर्मी में उनकी बिजली की लाइन काट दी गई है, जिससे ग्लोबल कॉलोनी में रहने वाले लोग परेशान है। इन लोगों ने बिल्डर अरुण बंजारे के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा कि मकान बेचते समय इकरारनामा में शामिल मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गई। ना तो कॉलोनी में स्थाई बिजली कनेक्शन है, ना ही पानी, सड़क, विद्युत खंभा और प्राइवेट ट्रांसफार्मर ही लगाया गया। मकान के सामने सीसी रोड और नाली भी नहीं बनवायी गयी। भवन निर्माण 6 से 8 महीने में पूरा कर पजेशन देने की बात की गई थी जिसका भी पालन नहीं किया गया।

ग्लोबल कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने बताया कि कॉलोनाइजर ने कॉलोनी के लिए अस्थाई बिजली मीटर लगवाया है जिसके बिल का नियमित भुगतान कॉलोनी में रहने वाले लोग बिल्डर को कर रहे थे, लेकिन उसने बिल जमा ही नहीं किया जिस कारण से बिजली विभाग ने कॉलोनी की बिजली काट दी है, जिस कारण इस भीषण गर्मी में पानी तक नहीं मिल रहा, तो वही बिना कूलर पंखे के गुजारा करना पड़ रहा है। इन लोगों ने बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर ने भी विषय की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही कार्यवाही करने की बात कही है। वैसे यह समस्या अकेले किसी एक कॉलोनी की नहीं है, अधिकांश बिल्डर मकान बेचते समय इसी तरह के सपने दिखाते हैं लेकिन उसकी हकीकत इसी तरह भयावह होती है। खास बात यह है कि इस गर्मी के दौरान कॉलोनी की बिजली काट दी गई है, वह भी तब जब कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने नियमित रूप से भुगतान किया है। यह सरासर धोखाधड़ी का मामला है। जिस पर प्रशासनिक कार्यवाही के साथ आपराधिक मामला भी बनता है। देखना होगा इस पर कब तक कार्यवाही होती है, क्योंकि बिना बिजली के इस गर्मी में एक पल भी गुजारना संभव नहीं।


