
न्यायधानी बिलासपुर के कोटा ब्लॉक के ग्राम छेरकाबांधा के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। धान खरीदी सीजन शुरू होने से ठीक पहले गांव के 200 से अधिक किसानों के नाम और खसरा नंबर गिरदावरी रिपोर्ट से विलोपित कर दिए गए हैं। इस त्रुटि के चलते ग्रामीणों में भारी चिंता का माहौल है, क्योंकि बिना गिरदावरी रिपोर्ट में नाम दर्ज हुए किसान अपना धान नहीं बेच पाएंगे। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि शासन ने एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तारीख तय की है, लेकिन गिरदावरी रिपोर्ट में उनके नाम न होने से वे इस प्रक्रिया से वंचित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पटवारी द्वारा समस्या के निराकरण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि त्रुटिपूर्ण गिरदावरी के कारण उनका नाम और खसरा नंबर सोसायटी सूची में नहीं दिख रहा, जिससे उन्हें धान बेचने का अधिकार नहीं मिलेगा। किसानों ने सामूहिक रूप से प्रशासन से गिरदावरी रिपोर्ट के त्वरित सुधार की मांग की है। इस पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने किसानों को आश्वस्त किया कि तय समय सीमा के भीतर त्रुटियों का सुधार कर उचित समाधान निकाला जाएगा, ताकि किसी भी पात्र किसान को धान विक्रय से वंचित न रहना पड़े।


