
छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में ईडी-ईओडब्ल्यू की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी ने अफसरों और नेताओं की मिलीभगत से 570 करोड़ रुपये से ज्यादा की उगाही की। चार्जशीट में बताया गया है कि हिसाब-किताब के लिए पाल, दुर्ग, वीकली, टावर और जुगनू ग्रुप बनाए गए थे, जिनमें कोडवर्ड्स के जरिए लेन-देन की जानकारी साझा की जाती थी।चार्जशीट में तीन आईपीएस अफसरों पारूल माथुर, प्रशांत अग्रवाल और भोजराम पटेल के नाम भी दर्ज हैं, जो तिवारी और सौम्या चौरसिया के संपर्क में थे। वसूली रायगढ़ में नवनीत तिवारी और कोरबा में मोइनुद्दीन संभालते थे।ईडी की रिपोर्ट पर एसीबी-ईओडब्ल्यू ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों और अफसरों सहित 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा विष्णु देव साय की सरकार सुशासन वाली है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।


