
बिलासपुर गणेश नगर न्यायपारा फदहाखार क्षेत्र के लोगों ने अपने इलाके को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग तेज कर दी है। इस संबंध में प्रगति मंच संघर्ष समिति ने शुक्रवार को कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। समिति ने बताया कि यह क्षेत्र लगभग 9 एकड़ भूमि में फैला हुआ है, जहां करीब 2000 परिवार निवासरत हैं, लेकिन अब तक इस क्षेत्र को राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिला है। ज्ञापन में बताया गया कि गणेश नगर न्यायपारा फदहाखार क्षेत्र की भूमि पहले से ही व्यवस्थित है और यहां की आबादी लगातार बढ़ रही है। पूर्व में भी स्थानीय स्तर पर आबादी पट्टे की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक शासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। समिति ने कहा कि विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के लिए इस क्षेत्र को राजस्व ग्राम घोषित किया जाना जरूरी है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने के कारण शासन की कई योजनाओं का लाभ यहां के लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। सड़क, नाली, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए क्षेत्रवासी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा भूमि का मालिकाना हक न होने से निवासियों को बैंक ऋण और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। प्रगति मंच संघर्ष समिति ने कलेक्टर से मांग की है कि गणेश नगर न्यायपारा फदहाखार क्षेत्र को शीघ्र ही राजस्व ग्राम घोषित किया जाए, ताकि यहां के हजारों निवासियों को बुनियादी सुविधाएं और शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।


