छत्तीसगढ़ में गौ तस्करी, गौ हत्या का मामला बढ़ता ही जा रहा है। आये दिन सड़क दुर्घटनाओ में गोवंश की जान जा रही है। अक्सर देखा जाता है नेशनल हाईवे पर चलने वाली तेज रफ्तार गाड़ियों की चपेट में मवेशी आ जाते हैं। जिसकी वजह से उनकी मौत हो जाती है। हाल ही में बिलासपुर के सिलपहरी नेशनल हाईवे की एक घटना में 9 मवेशियों की जान गई थी। इसी तरह कई बार कार से गौ वंश को कुचलने की घटनाएं भी सामने आई है। लगातार गौवंश हत्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए कानून में सख्ती लाने का निर्णय लिया गया है।


कुछ नियमों में बदलाव करते हुए अब गौ तस्करी, गौ मांस, गौ हत्या करने वालों के ऊपर 7 साल की जेल और 5 हजार जुर्माना या फिर दोनों सजा का प्रावधान होगा। प्रदेश में गोवंश और दुधारू पशुओं के अवैध परिवहन तस्करी उनकी हत्या या मांस की बिक्री की कई घटना लगातार सामने आ रही है। ऐसी घटनाओं को लेकर गौ सेवकों द्वारा लगातार मांग उठ रही थी। ऐसे अपराधों में कठोर कार्रवाई न किए जाने की वजह से लोगों में आक्रोश नजर आ रहा था। इसे ध्यान में रखकर सरकार ने नियमों में बदलाव कर दिया है। जिसमें 7 साल की जेल का प्रावधान है।


