चिट फंड और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के बाद यह कंपनियां छोटे-छोटे गांव में अपने एक छोटा सा दफ्तर बना कर वहां के स्थानीय लोगों से छोटी रकम जमा करवाती है। और बड़े लाभ का प्रलोभन देती है, भोले भाले ग्रामीण इस लालच में फंस जाते हैं अपने पैसे को दोगुना करने के चक्कर में अपनी गाढ़ी कमाई जमा कर देते हैं और बाद में उन्हें पता चलता है कि धोखा हुआ है। इसी शिकायत को लेकर के टेंगनमाडा बेलगहना के नागरिक आज बिलासपुर कलेक्टर के पास आए, यहां उन्होंने एक शिकायत पत्र कलेक्टर ऑफिस में सौपा है।

जब उनसे पूछा गया कि आपके साथ क्या हुआ है तब उन्होंने बताया कि हमारे साथ ऐसी आर्थिक धोखाधड़ी हुई है स्थानीय थाने में हमने रिपोर्ट की थी और लगातार 6 महीने तक फॉलो करने के बाद भी जब हमारी सुनवाई नहीं हुई। हमें न्याय की कोई आस नहीं दिखाई दी, तब हमने बिलासपुर कलेक्टरेट में इसकी शिकायत की है कि ईगल भवन में गरीबो को बुलाकर पैसा जमा कराया जाता था, अब वहा कोई नही हैं, कलेक्टर से पैसा वापस दिलाने आग्रह किया है।



