पिछले एक दशक से पर्यावरण पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव की वजह से अत्यधिक गर्मी और कम बारिश होने से समस्याएं उत्पन्न हो रही है। पर्यावरण के संरक्षण को लेकर लगातार विभिन्न योजनाएं तो बनाई जाती है लेकिन वह धरातल पर नहीं आती। इसके अलावा तेजी से कट रहे पेड़ और क्रॉन्कटीकरण होने की वजह से जमीन को पर्याप्त पानी भी वापस नहीं जाता जिसकी वजह से पिछले कुछ वर्षों में जल संकट भी उत्पन्न हुआ है इन्हीं सब मुद्दों को लेकर सोमवार को पर्यावरण मंच के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में उन्होंने मांग रखी कि तेजी से हो रहे पेड़ों की कटाई के साथ निर्माण को कम किया जाए जिससे जमीन को पर्याप्त पानी और पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद मिल सके। जाहिर तौर पर यह प्रयास कहीं ना कहीं पर्यावरण संरक्षण को संजोए रखने में मदद करेगा।



