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जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने किया अरपा भैंसाझार बैराज का निरीक्षण, 4.15 करोड़ से निर्मित कुटीर का किया लोकार्पण।

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने अरपा भैंसाझार परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए हर हाल में इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने 4.15 करोड़ से बने निरीक्षण गृह का भी लोकार्पण किया और एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे लगाए।

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने अरपा भैंसाझार बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने 4 करोड़ 15 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का लोकार्पण भी किया। एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत परिसर में पीपल पौधा भी लगाया। अधिकारियों की बैठक लेकर अरपा भैंसाझार परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने परियोजना में आयी गतिरोध को दूर कर हर हाल में इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए इसे पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। इसलिए राजधानी से यहां आकर मौके पर इसकी समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने मुआवजा प्रकरण के समाधान में आ रही दिक्कतों के निदान के लिए विधायक धरमलाल कौशिक एवं धरमजीत सिंह को अधिकृत किया। वे संबंधित किसानों से प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात कर और इसकी महत्ता के संबंध में समझाइश देकर उन्हें मनाएंगे। नियमानुसार उन्हें मुआवजा तत्काल दिया जायेगा.

जल संसाधन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अरपा भैंसाझार परियोजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। राज्य सरकार इसे किसानों के हित में जल्द से जल्द पूर्ण करना चाहती है। इसमें आने वाली गतिरोध को दूर करना अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की संयुक्त जवाबदारी है। उन्होंने कलेक्टर बिलासपुर को इसका बेहतर समन्वय करने के निर्देश दिए। उपस्थित सभी विधायकों ने इस विषय में अपने विचार रखे और इसे पूर्ण करने पर जोर दिया।

जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो ने कहा कि शेष काम को पूर्ण करने की जिम्मेदारी भी वर्तमान ठेकेदार की है। उन्होंने ठेकेदार सुनील अग्रवाल को समयसीमा बढ़ाने के लिए आवेदन करने के सख्त निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि परियोजना को शुरू हुए लगभग 12 साल हो गए। विभिन्न कारणों से यह परियोजना पूर्ण नहीं हो सकी है। मूल रूप से वर्ष 2012 में परियोजना 606.43 करोड़ रूपये की थी। वर्ष 2016 में पुनरीक्षिप प्रशासकीय स्वीकृति के बाद इसकी लागत 1141.90 करोड़ की हो चुकी है। इसके पूर्ण रूप से बन जाने पर कोटा, तखतपुर एवं बिल्हा ब्लॉक के 102 गांव के किसान लाभान्वित होंगे। खरीफ के मौसम में उनका 25 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। फिलहाल अधूरी परियोजना से लगभग 13 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो पा रही है। इस दौरान विधायक धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह एवं अटल श्रीवास्तव ने भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधे लगाए।

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