परीक्षा के दिन, दिखाने के लिए एक-दो सेंटर में पहुंचकर कार्यालय में ही बैठकर खानापूर्ति कर बापस लौट रहे है।
जिला स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल में तैनात दर्जनों व्याख्याता और शिक्षक पिकनिक मना रहे है। परीक्षा के दिन, दिखाने के लिए एक-दो सेंटर में पहुंचकर कार्यालय में ही बैठकर खानापूर्ति कर बापस लौट रहे है। नकल की जांच करने 10वी और 12वीं बोर्ड की अधिकांश विषयों की परीक्षा होने के बाद भी जिले में एक भी नकल प्रकरण नहीं बना है।

इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले के कई सेंटरों से नकल कराए जाने की शिकायत जिला शिक्षा कार्यालय तक भी पहुंची है। इसमें केन्द्राध्यक्ष और शिक्षकों द्वारा छात्रों को ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के उत्तर बताने के साथ नकल करने की छूट दी जा रही है। इसके बाद भी उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले में नकल रोकने के लिए जिला स्तर पर आधा दर्जन उड़नदस्ता दल गठित किए गए है। इसमें दर्जनों की संख्या में व्याख्याता और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बाद भी उनके हाथ एक भी नकलची नहीं लगा है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि सतत निगरानी की जा रही है। परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों की पर्याप्त चेकिंग की जाती है, इसलिए अभी तक नकल प्रकरण नहीं बने हैं।


गौरतलब हैं कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाई और हायर सेकेण्डरी की मुख्य परीक्षा विगत एक मार्च से चल रही है। इस परीक्षा में बिलासपुर जिले से 42,509 परीक्षार्थी शामिल हो रहे है। इसमें 10 वी एवं 12 वीं बोर्ड परीक्षा में अधिकांश मुख्य विषय की परीक्षा निपट चुकी हैं, दसवीं बोर्ड के 23670 और 12वीं बोर्ड के 18839 परीक्षार्थी शामिल है। उनके लिए जिले में 129 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है. 12वीं बोर्ड की परीक्षा 23 मार्च और 10वीं बोर्ड की परीक्षा 21 मार्च तक चलेगी। अब तक नकल प्रकरण नहीं बनने से यही लग रहा है कि उड़नदस्ता टीम केवल औपचारिकता निभा रही है जबकि लगातार जांच की जाए तो कई प्रकरण बनेंगे उसके बावजूद भी शिक्षा विभाग के अफसरो की लापरवाही के चलते अंदरुनी स्कूलों में धड़ल्ले से नकल चलने की बात कही जा रही है।


