डायरिया पीड़ित दो की मौत हो गई है। इससे प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मृतकों में बिल्हा ब्लाक के ग्राम नेवसा की 19 वर्षीय युवती के साथ ग्राम मदनपुर निवासी 45 वर्षीय युवक शामिल हैं। बिल्हा में ही अन्य सात डायरिया मरीज की पहचान की गई है। वहीं रतनपुर में छह और मस्तूरी में उल्टी दस्त के चार नए मरीज मिले हैं। साफ है कि डायरिया ने ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार लिया है। ग्राम नेवसा निवासी 19 वर्षीय नेहा धीवर का निजी अस्पताल में उल्टी, दस्त की वजह से हालत गंभीर हो गई थी। उसका उपचार कर रहे डाक्टरों ने डायरिया की पुष्टि की। पीड़िता नेहा की बुधवार की सुबह मौत हो गई।

इसी तरह बिल्हा के मदनपुर में रहने वाले 45 वर्षीय हीराराम की भी उल्टी, दस्त से हालत बिगड़ चुकी थी, उसने भी बुधवार को दम तोड़ दिया। जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारयों को लगी, वैसे ही टीम को मौके पर भेज दिया गया। यहां नए मरीजों की पहचान कर उनका उपचार किया जा रहा है। दो मौत के बाद प्रभावित क्षेत्र में लगातार क्लोरिन लिक्विड और जिंक टेबलेट का वितरण किया जा रहा है।


टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को पानी उबालकर पीने, क्लोरिन को पानी में मिलाकर 20 मिनट बाद पीने तथा ओआरएस का घोल समय-समय पर पीने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।जिन क्षेत्रों में भी डायरिया के मरीज मिल रहे हैं, वहां के सभी मरीजों के दूषित पानी की वजह से बीमार होना पाया गया है। प्रभावित क्षेत्र के बोर, हैंडपंपों से पानी के नमूने लिए गए। डाक्टरों के मुताबिक भी दूषित पानी से बीमार होने की वजह बताई गई है।




