ट्रेन हादसे में अपना हाथ गवा चुके अज्ञात व्यक्ति को अचेत अवस्था में 25 मई को सिम्स में भर्ती किया गया था। डॉक्टर ने गहन चिकित्सा के बाद उन्हें स्वस्थ कर दिया। स्वस्थ होने के बाद 60 वर्षीय रहीम खान ने अपने परिवार से मिलने की इच्छा जताई लेकिन परिवार के किसी भी सदस्य का मोबाइल नंबर तक रहीम खान को याद नहीं था, जिसके बाद चिकित्सकों ने समाज सेवी संस्था टीम मानवता की मदद ली। टीम मानवता ने मात्र 2 घंटे में रहीम खान के परिवार का पता लगा लिया। इसके बाद उनके बेटे मोसिन खान सिम्स पहुंचे और खुशी-खुशी अपने पिता को लेकर घर लौट गए। टीम मानवता की वजह से रहीम खान को उनका परिवार वापस मिला है। इसमें टीम मानवता के अध्यक्ष प्रिंस वर्मा और उनके सहयोगियों की विशेष भूमिका रही।





