रतनपुर क्षेत्र इन दिनों डायरिया का हॉटस्पॉट बना हुआ है, हर रोज 10 से 15 नए मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया, और जरूरी दिशा निर्देश दिए।

बीते करीब 1 माह से रतनपुर और आसपास के गाँव नवागांव, सल्फा, गिरजावन, लखराम, मदनपुर समेत क्षेत्र के कई गांव से डायरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब तक 475 मरीज का इलाज किया जा चुका है। जिनमें से 20 मरीजों को बिलासपुर रेफर किया गया है, 26 मरीज भर्ती हैं, बाकी मरीज को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। वहीं शुक्रवार को 16 नए मरीज इलाज के लिए आए हैं। एक महीने बीत जाने के बावजूद हर दिन डायरिया के 10 से 15 नए मरीज आ रहे हैं।
डॉक्टर का कहना है, कि लोगों में जागरूकता की कमी है, जिसकी वजह से पानी उबाल कर, स्वच्छ पानी न पीने, हाथ धोकर खाना न खाने और गंदगी होने की वजह से डायरिया फैल रही है।
इधर प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे कलेक्टर ने डायरिया की रोकथाम के लिए हेल्थ, रेवेन्यू और पीएचई विभाग को जरूरी दिशा निर्देश दिए। मौसमी बीमारियों को लेकर जागरूकता अभियान पर जोर देते हुए रतनपुर के अस्पताल के उन्नयन की भी बात कही है।



कलेक्टर के अनुसार यह सब मौसमी बीमारी है जो मौसम के साथ ही जाएगी। हालांकि उन्होंने इस बात का भरोसा दिलाया कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी इलाज की पुख्ता व्यवस्था की गई है और डायरिया के वजह से किसी की जान जाने नहीं दी जाएगी। उन्होंने लोगों को भी उबला हुआ पानी पीने और ताजा खाना खाने की सलाह दी। इस दौरान कलेक्टर के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



