
तारबाहर स्थित चर्च ऑफ क्राइस्ट में रविवार को धन्यवादी पर्व बड़े हर्ष और कृतज्ञता के साथ मनाया गया। पास्टर सुदेश पॉल ने बताया कि यह पर्व वर्षभर परमेश्वर द्वारा मिले आशीर्वाद और संबल के प्रति धन्यवाद प्रकट करने का अवसर है। प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा में भक्तजन अपनी प्राप्तियों का पहला हिस्सा प्रभु को अर्पित करते हैं, ताकि हर कार्य की शुरुआत परमेश्वर के आशीष से हो।पास्टर पॉल ने बताया कि पूर्वकाल में इस्राइली लोग अपनी फसलों का प्रथम अंश परमेश्वर को समर्पित करने के बाद ही अन्न का उपयोग करते थे। इसी पवित्र परंपरा को आज भी मसीही समुदाय श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाता है। उन्होंने कहा कि हम भी अपनी मेहनत, उपज और आय का पहला भाग प्रभु को अर्पित कर कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे जीवन की हर अच्छी बात परमेश्वर की कृपा से ही संभव है।धन्यवादी पर्व के दौरान चर्च परिसर में विशेष आराधना आयोजित की गई, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नन्हे बच्चों, युवा सदस्यों और कलीसिया के वरिष्ठजनों ने मिलकर स्तुति–प्रशंसा के गीत गाए और प्रभु के प्रति आभार जताया। पास्टर पॉल ने कहा कि यह दिन केवल धन्यवाद का नहीं, बल्कि समुदाय को एक साथ जोड़ने का भी प्रतीक है।कार्यक्रम के बाद प्रीति भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पास्टर सुदेश पॉल ने कहा कि धन्यवादी पर्व के साथ ही क्रिसमस उत्सव का आगाज माना जाता है, और आज की आराधना ने पूरे समुदाय को नई खुशी और उमंग से भर दिया है। उन्होंने प्रभु यीशु मसीह के नाम से सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि परमेश्वर की कृपा से ही कलीसिया एकजुट होकर इस पवित्र पर्व को आनंद के साथ मना पाई है।


