हर साल की तरह इस साल भी तारबाहर स्थित मां शीतला मंदिर समिति की महिलाओं की ओर से बाजे गाजे के साथ कावड़ यात्रा निकाली गयी। इस दौरान रेल परिक्षेत्र अंतर्गत स्थित शिव मंदिर भी शिव भक्तों के जयकारों से गूंज उठा। गौरतलब हो कि सावन के महीने में हर शिव मंदिर महादेव के जयकारे से गूंज उठता है। इस दौरान सडक़ों पर आपको कांवडिय़ों की कांवड़ यात्रा भी दिखाई देती है। यह माह भगवान भोलेनाथ की भक्ति का माह माना जाता है।इसी को लेकर तारबाहर मां शीतला माता मंदिर से महिलाओं ने भी हर्षोल्लास के साथ कावड़ यात्रा निकाली। महिलाओं एवं मां शीतला माता मंदिर समिति के सेवकों ने बताया कि शिव भक्त महिलाओं के द्वारा कावड़ यात्रा का लगातार दूसरा वर्ष है। पिछले दो वर्षों से तारबाहर क्षेत्र की महिलाओं द्वारा धूमधाम से शीतला मन्दिर से रेलवे क्षेत्र स्थित शिव मंदिर तक पैदल कावड़ यात्रा निकाली जाती है।

इस बार भी महिलाओं ने पैदल कावड़ यात्रा निकाला इस दौरान पूरे रास्ते भर महिलाओं ने बोल बम के नारे लगाए और शिव मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ को जल चढ़ाए।धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग पर गंगा जल या पवित्र जल अर्पित करने की परंपरा को कांवड़ यात्रा कहते हैं। यह जल पवित्र स्थान से अपने कंधे पर लाकर भगवान शिव को सावन के महीने में अर्पित किया जाता है।




