जोनल स्टेशन में यात्रियों को पहले की तरह बेहतर खानपान की सुविधा मिलेगी। तीन महीने से बंद फूड प्लाजा का आइआरसीटीसी ने टेंडर कर दिया है। लाइसेंसी को दो महीने के भीतर इसे शुरू करना होगा। इस लिहाज से जुलाई अंतिम सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह में इसकी शुरुआत होने की उम्मीद है।

जोनल स्टेशन में दो बड़ी यूनिट है। एक फूड प्लाजा ओर दूसरी जनआहार। कुछ महीने पहले दोनों की टेंडर अवधि समाप्त हुई और यह दोनों यूनिट बंद हो गई। रेलवे स्टेशन में खानपान की व्यवस्था स्टालों के भरोसे चल रही थी। इसके चलते यात्रियों को स्टेशन में जनता खाना और भोजन नहीं मिल पा रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही थी। रेलवे ने भी यात्रियों की इस समस्या को महसूस कर आइआरसीटीसी को तत्काल दोनों फूड यूनिट को पहले की तरह संचालित करने का निर्देश दिया। हालांकि इसके पीछे कहीं न कहीं यात्रियों की शिकायतें भी प्रमुख वजह है। यात्रियों के द्वारा लगातार बेहतर खानपान केंद्र की मांग की जा रही थी। जिसे देखते हुए आइआरसीटीसी ने दोनों का टेंडर जारी किया।



फूड प्लाजा के लिए कुछ कंपनियों ने विशेष रूचि दिखाई। इनमें से जिस कंपनी का रेट अधिक रहा, उन्हें आइआरसीटीसी ने टेंडर अवार्ड कर दिया है। इसके संचालन की जिम्मेदारी ओड़िशा की एक निजी कंपनी को दी है। कंपनी सालाना लगभग 12 लाख रुपये आइआरसीटीसी को देगी। टेंडर नौ साल के लिए हुआ है। आइआरसीटीसी को सबसे ज्यादा दिक्कत जनआहार के टेंडर में आ रहा है। अब तक दो बार टेंडर जारी किया गया है। लेकिन, रेट इतना अधिक है कि कोई भी कंपनी आगे नहीं आ रही है। अब तीसरी बार टेंडर निकाला गया है, जो 19 जुलाई को ओपन होगा। इस बार आइआरसीटीसी ने रेट 10 प्रतिशत कम किया है। इसलिए उम्मीद है कि कंपनियां आगे आएंगी और जल्द ही यात्रियों को जनआहार केंद्र की सुविधा मिलने लगेगी।



