जिस तरह से बिलासपुर जिले में दोपहर के समय भीषण गर्मी पड़ रही है। उससे यही लगता है कि आसमान से सूरज की किरणें अंगार बनकर बरस रही है। जीव जंतुओं से लेकर जन मानस तक का बुरा हाल है। हॉस्पिटल में भी डी हाइड्रेशन के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं वहीं जिले में लू को लेकर जिला प्रशासन ने अलर्ट भी जारी कर दिया है।
तेज धूप और गर्म हवाएं अब लोगों को अपनी चपेट में लेने लगी है।ऐसे में लोग हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इसकी वजह से सिम्स और जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ पहुंचने लगी हैं। सिम्स में बीते दो दिन से डिहाइड्रेशन और लू के 15 से 20 मरीज तो जिला अस्पताल में औसत 8 से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। इसी तरह सभी स्वास्थ्य केंद्रों में औसत 4 से 5 मरीज शरीर में पानी कम होने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इस वजह से इन अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। जिला अस्पताल के आरएमओ ने बताया कि ज्यादा गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी या डिहाइड्रेशन की समस्या आ रही है। इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है। आमतौर पर लोग इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते। जबकि ऐसे में सिर दर्द, तेज बुखार, मांसपेशियों में कमजोरी, उल्टी-दस्त की समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। जांच में इनके लू या निर्जलीकरण के शिकार होने की पुष्टि की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को लू से सावधान रहने की अपील की है।इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक है इसके साथ ही अतिरिक्त वार्ड भी आरक्षित कर रखा गया है।



बहरहाल तेज गर्मी के चलते सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने, कमजोरी आना, बेचैनी आदि हैं। हालांकि मरीजों की संख्या बढ़े उससे पहले ही स्वास्थ्य महकमा बुरी तरह से तैयार यही वजह है कि जिला अस्पताल और सिम्स में लू मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार कर लिया गया है। इसमें पांच बिस्तरों की व्यवस्था की गई है, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जाएगी। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवाओं के साथ ओआरएस घोल उपलब्ध कराया जा रहा है। पूरी व्यवस्थाएं नि:शुल्क है। यहां गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।


