
चर्चित सूदखोर तोमर बंधुओं की गिरफ्तारी के बाद अब मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। तोमर बंधुओं के घर की एक महिला द्वारा पुलिस पर लगाए गए संगीन आरोप के बाद करणी सेना खुलकर मैदान में आ गई है।

बिलासपुर पहुंचे करणी सेना के क्षत्रिय करणी सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर 7 दिसंबर से पहले पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिला तो महिला अस्मिता की रक्षा के लिए देशभर से लाखों करणी सैनिक रायपुर में महापंचायत करेंगे। रायपुर के सूदखोर तोमर बंधुओं के खिलाफ शहर के अलग–अलग थानों में विभिन्न धाराओं के तहत कई प्रकरण दर्ज हैं। दर्ज मामलों में पुलिस की कार्रवाई तेज होते ही तोमर बंधु फरार हो गए थे।

इसके बाद रायपुर पुलिस ने वीरेंद्र तोमर को दूसरे राज्य से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने वीरेंद्र तोमर को सड़क पर जुलूस की शक्ल में लेकर चली, इसी दौरान उसके सड़क पर गिरने का वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के बाद उसके घर की महिलाएं लगातार पुलिस कार्रवाई को गलत ठहराती रही हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मर्यादा की सीमाएं लांघी हैं।

इसी कड़ी में तोमर परिवार की एक महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद मामला और गरमा गया है। करणी सेना ने इसे महिला अस्मिता से जुड़ा विषय बताते हुए पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने बिलासपुर में कहा कि अगर 7 तारीख तक मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित महिला को न्याय नहीं दिया गया तो 7 दिसंबर को रायपुर में महापंचायत आयोजित की जाएगी। उनका दावा है कि इस महापंचायत में देशभर से लाखों करणी सैनिक जुटकर महिला सम्मान और न्याय की लड़ाई को मजबूर करेगे।


