
बिलासपुर। लिंगियाडीह क्षेत्र के दुर्गा नगर वार्ड क्रमांक 52 में नगर निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई को लेकर निवासियों ने कड़ा विरोध जताया है। क्षेत्र के लोगों ने एक ज्ञापन सौंपते हुए नगर निगम द्वारा किए जा रहे 113 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि वे लगभग 50 वर्षों से इस भूमि पर रह रहे हैं और अपने परिश्रम से मकान बनाए हैं।विओ-1 स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस भूमि पर वे बसे हैं, उसे पहले ही सरकार ने आवासीय भूमि के रूप में स्वीकृति दी थी।

2019 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दुर्गा नगर की भूमि को पट्टा स्वीकृत करने का निर्णय भी लिया गया था, और नगर निगम द्वारा 10 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से पट्टा प्रीमियम राशि स्वीकार की गई थी। बावजूद इसके, अब नगर निगम अचानक इस क्षेत्र में तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में लगभग 150 मकानों और दुकानों को तोड़ दिया गया था, जिनका पुनर्निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। नागरिकों का आरोप है कि निगम प्रशासन बार-बार अलग-अलग परियोजनाओं के नाम पर गरीब परिवारों को उजाड़ने का प्रयास कर रहा है, जिससे क्षेत्र में असमंजस और अविश्वास का माहौल बन गया है।

निवासियों ने बताया कि लगातार कार्रवाई से गरीब परिवारों का सामाजिक, मानसिक और आर्थिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहले की गई कार्रवाई के दौरान भी लोगों को कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे भय का वातावरण बना हुआ है। अब एक बार फिर तोड़फोड़ की तैयारी की जा रही है, जिससे लोग परेशान हैं। नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और तोड़फोड़ की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब परिवारों को बार-बार उजाड़ने से उनकी जीवनयापन की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। दुर्गा नगर वार्ड के पार्षद कोटा विधायक अटल श्रीवास, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया,पार्षद लक्ष्मी साहू, प्रमोद नायक, अभयनारायण सहित अनेक लोग कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज किया।


