
लगातार हो रही असामयिक बारिश से धान की फसल प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि जहां रोपाई समय पर हुई है, वहां फसल ठीक ठाक है, जबकि कम अवधि की ढाल वाले क्षेत्रों में बालियां आ चुकी हैं और अक्टूबर के अंत तक कटाई योग्य हो जाएगी।हालांकि, लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में धान के पौधे गिर रहे हैं, जिससे 12–15 प्रतिशत तक लॉजिंग से नुकसान होने की आशंका है। वहीं, जिन पौधों में बालियां नहीं आई हैं, वहां कीट और पतंगों का प्रकोप देखा जा रहा है।किसानों ने फसल में विभिन्न प्रकार की बीमारियों और कीटों के हमले की भी जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक ने चेतावनी दी कि किसान बिना पहचान और सही दवा के प्रयोग से बचें, क्योंकि गलत उपचार से फसल को और नुकसान पहुंच सकता है।मौसम विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर के बाद बारिश रुकने की संभावना है। किसानों को फसल की निगरानी करते हुए सही समय पर दवा और कृषि तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि लॉजिंग और कीट-बिमारी से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।


