
बिलासपुर। प्रदेश में धान खरीदी की तैयारियों के बीच अब सस्पेंस बना हुआ है। 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन जिला सहकारी समिति और कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से सरकार की टेंशन बढ़ गई है। खरीदी शुरू होने से पहले ही कर्मचारी आंदोलनरत हैं, जिससे किसानों और प्रशासन दोनों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। हड़ताल के चलते समितियों में आवश्यक तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। पंजीयन, तौल केंद्रों की व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और खरीदी प्रक्रिया से जुड़े कार्य ठप पड़ गए हैं। किसानों को चिंता है कि अगर आंदोलन जल्द खत्म नहीं हुआ तो उनकी मेहनत की फसल समय पर नहीं बिक पाएगी। ग्रामीण इलाकों में खरीदी केंद्रों पर अभी तक पूरी तैयारी नहीं हो पाई है, जिससे किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। इधर, जिला सहकारी बैंक के सीईओ प्रभात मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि शासन के निर्देश पर 15 नवंबर से हर हाल में धान खरीदी शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि शाखा प्रबंधकों और सुपरवाइजरों के साथ लगातार चर्चा चल रही है और वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है ताकि खरीदी प्रक्रिया प्रभावित न हो। सीईओ मिश्रा ने बताया कि आंदोलनरत कर्मचारियों की चार सूत्रीय मांगों पर शासन स्तर पर विचार हो रहा है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए भुगतान की प्रक्रिया जिला सहकारी बैंक की शाखाओं और एटीएम माध्यम से की जाएगी। इस दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अब सबकी निगाहें प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच चल रही वार्ता पर टिकी हैं। यदि हड़ताल लंबी चली तो खरीदी व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार आंदोलनरत कर्मचारियों को मनाने में सफल होती है और 15 नवंबर से खरीदी केंद्र समय पर खुल पाते हैं या नहीं।


