
पानी बिजली और सफाई की मांग को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने निगम कार्यालय का घेराव किया इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर समस्या के निदान की मांग रखी इस दौरान नगर निगम कार्यालय में कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने यहां मटकी फोड़ते हुए नगर निगम से वार्डों में पानी पहुंचने की मांग की। जिस पर उन्हें जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। मौजूदा समय में नगर निगम सीमा क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार है सभी वार्डों में पानी के लिए जनता त्रस्त है । यही वजह है कि अब जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे को लेकर नगर निगम पर आक्रोश जाहिर कर रहे हैं इसी कड़ी में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा पानी सफाई और बिजली की समस्याओं के निदान के लिए नगर निगम कार्यालय का घेराव किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं अपने साथ हैंडपंप और मटके भी लेकर आए थे जिससे उन्हें पानी की समस्या से अवगत कराया जा सके बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और छत्तीसगढ़ शासन पर आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह से मौजूदा समय में पानी को लेकर वार्ड की जनता परेशान हो रही है उसे देखने और सुनने वाला कोई नहीं है पूरी जनता पानी की वजह से त्रस्त है और नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन दे रहे हैं ।इस दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने यहां मटकी फोड़ते हुए नगर निगम के अधिकारियों से वार्डों में पानी देने की मांग की। पानी की ज्यादा समस्या नगर निगम सीमा क्षेत्र में जुड़े नए वार्ड में है। यही वजह है कि अब कांग्रेस के कार्यकर्ता इस समस्या के निदान की मांग कर रहे हैं इसके अलावा अघोषित बिजली कटौती के साथ सफाई के मुद्दे पर भी कांग्रेस भाजपा सरकार को घेरती नजर आ रही है

कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद ऐसी उम्मीद है कि वार्डन के हालात कुछ बेहतर होंगे लेकिन मौजूदा समय में गर्मी का प्रकोप और लगातार गिरते जलस्तर से पानी की समस्या को दूर किया जा सकेगा यह काम ही नजर आता है हर साल गर्मी के दिनों में यही स्थिति रहती है और नगर निगम के दावे खोखले साबित होते हैं पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम के द्वारा हर वार्ड में बोर खनन कराया गया है लेकिन अगर उसके बाद भी वार्डों में पानी की समस्या आ रही है तो यह दर्शाता है कि नगर निगम के द्वारा पानी को लेकर जो योजनाएं तैयार की गई मौजूदा समय में वे सभी विफल नजर आ रहे हैं कांग्रेस के प्रदर्शन का कितना असर नगर निगम बिलासपुर के अधिकारियों में होता है यह तो कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा ।




