Homeहमर बिलासपुरनामांकन रैली के दौरान बिलासपुर में कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका...

नामांकन रैली के दौरान बिलासपुर में कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब कांग्रेस के बड़े नेता विष्णु यादव और मालती चौकसे ने हजारों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता स्वीकार कर ली।

इस लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस को एक के बाद एक झटके दे रही है।इस बार लोकसभा चुनाव में 400 सीट का लक्ष्य लेकर जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी चल रही है, उससे ऐसा लग रहा है कि वह कांग्रेस को अपने मुकाबले में मान ही नहीं रही। ऊपर से कांग्रेस के एक से एक बड़े नेता एक-एक कर भाजपा में शामिल होते जा रहे हैं। बिलासपुर लोकसभा सीट के लिए भी जिस विष्णु यादव का नाम सबसे ऊपर चल रहा था, वही अब भाजपा के रथ पर सवार हो गए है। गुरुवार को नामांकन रैली के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में विष्णु यादव ने भाजपा का दामन थाम लिया। तीन दिन पहले ही उन्होंने बगावती तेवर दिखाते हुए कांग्रेस से नामांकन पत्र खरीदा था।

विष्णु यादव छत्तीसगढ़ी यादव है और उन्होंने कांग्रेस से दावेदारी पेश की थी। लेकिन उनकी बजाय दागदार छवि वाले और बिहार के यादव को, वह भी दुर्ग से आयात कर जिस तरह से बिलासपुर का प्रत्याशी बनाया गया, उससे विष्णु यादव नाराज थे। करीब 2000 कांग्रेसी और यादव कार्यकर्ताओं के साथ विष्णु यादव और मालती चौकसे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष भाजपा का दामन थामा। पिछले कुछ दिनों से विष्णु यादव लगातार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर आरोप लगा रहे थे। उन्होंने देवेंद्र यादव के योग्यता पर सवाल करते हुए कहा था कि योग्य तो अंग्रेज भी है तो क्या उन्हें देश का कमान सौंप दे देना चाहिए? उन्हें मनाने की भी कोशिश बेकार गई। पार्षद और एमआईसी सदस्य रह चुके विष्णु यादव ने बताया कि उनका नाम घोषित होने के बावजूद आखिरी वक्त पर उनके साथ छल किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे थे। देवेंद्र यादव को बाहरी बताते हुए उन्होंने साफ कहा कि इस बार देवेंद्र यादव को वापस भिलाई और बिहार भेजना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा में वे किसी पद की लालसा से नहीं आए हैं।

वहीं कांग्रेस के टिकट पर पार्षद चुनाव लड़ चुकी और प्रतिष्ठित व्यावसायिक घराने से संबंध रखने वाली मालती चौकसे ने भी भाजपा का पटका पहन लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी बनने की इच्छा के साथ भाजपा का दामन थाम कर कांग्रेस के ही खिलाफ मैदान में उतर चुके विष्णु यादव के भाजपा में आ जाने से भाजपा ने भी खुशी जाहिर की है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब दो विष्णु काम करेंगे। मुख्यमंत्री के रूप में विष्णु देव साय है तो वहीं अब बिलासपुर में भाजपा के सारथी बनेंगे विष्णु यादव, जिन्होंने साफ कहा कि बिलासपुर में यादव समाज पूरी तरह से भाजपा के साथ है। भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में 400 और छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर जीत के दावे कर रहे हैं। जिस तरह से एक के बाद एक कांग्रेसी भाजपा के पाले में जा रहे हैं, उससे इस दावे को बल मिल रहा है।

अब तो लोग यह भी चुटकी लेने लगे हैं कि भारतीय जनता पार्टी को अपनी पार्टी में एक कांग्रेस प्रकोष्ठ भी बना लेना चाहिए, जिसमे कांग्रेस छोड़कर आए लोगों को शामिल किया जा सके। इस सबके बीच, कांग्रेस के लिए यह घोर चिंता का विषय है कि आखिर उनसे कहां चुक हो रही है। विष्णु यादव ही नहीं कांग्रेस छोड़कर आने वाला हर नेता यही कह रहा है कि मोदी विरोध में कांग्रेस अपनी राह भटक गई है और वह पूरी तरह हिंदू और देश विरोधी हो चुकी है। कांग्रेस का घोषणा पत्र साफ दर्शाता है कि उनके टारगेट का वोट बैंक कौन है। ऐसे में कांग्रेस का भविष्य अंधकार मय है। कांग्रेस एक परिवार की कठपुतली बनकर रह गई है, जिसमें देशभक्ति के लिए कोई जगह नहीं है। यही कारण है कि एक-एक कर कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं और तब ही वे अपनी मन की बात भी कह पा रहे हैं।

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