धनवार पिछड़ी जनजाति शिक्षा के अधिकार से वंचित है, उनके बच्चे और आने वाली पीढ़ी शिक्षित हो इसके लिए कलेक्टर से गुहार लगाने सोमवार को वे कलेक्ट्रेट पहुंचे। मस्तूरी के ग्राम पौड़ी में 25 से 30 धनवार आदिवासी परिवार रहते है, यह पिछड़ी जनजाति में माना गया है, इनमें साक्षारता का निम्न स्तर बना हुआ है, इनके पूर्वज शिक्षा के आभाव में बिता चुके हैं लेकिन आने वाली पीढ़ी के लिए यह जनजाति शिक्षा चाहती है। चूंकि यहां स्कूल और आंगनवाड़ी नहीं है और जो है वे गांव से काफी दूर है जिस वजह से उनके बच्चे पढ़ाई से वंचित हो जाते हैं और अशिक्षित रह जाते हैं, साथ ही दूसरे गलत काम में लग जाते हैं। उनके अभिभावक चाहते हैं कि हमारे बच्चे भी शिक्षा से जुड़े और शिक्षा के अधिकार योजना का फायदा मिले, इसके लिए कई बार शासन प्रशासन सरपंच से भी क्षेत्र में आंगनबाड़ी और स्कूल खोलने मांग कर चुके हैं। उसके बावजूद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी शिक्षा सत्र में केन्द्र खोलने फिर से कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांग रखी है।





