पीतांबरा पीठ में नाग पंचमी के अवसर पर यज्ञ और हवन कर नाग पंचमी का त्यौहार मनाया गया। पीठाधीश आचार्य डॉ दिनेश चंद्र महाराज ने बताया कि यह दिन नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित होता है मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है। नाग की पूजा करने से सांपों के कारण होने वाला किसी भी प्रकार का भय खत्म हो जाता है। नाग पंचमी के दिन नाग देवताओं की आराधना करने से जातकों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।


नागों की रक्षा के लिए यज्ञ को ऋषि अगस्त्य मुनि ने श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन रोक दिया और नागों की रक्षा की इस कारण दक्ष नाग के बचने से नागों का वंश बच गया तभी से नाग पंचमी मनाई जाने लगी। इस अवसर पर बिलासपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अर्चना झा भी सह परिवार पीतांबरा पीठ में उपस्थित होकर भगवान शिव के रुद्राभिषेक में शामिल हुई। इसके साथ ही पीतांबरा पीठ में नाग पंचमी के अवसर पर ब्राह्मणों द्वारा यज्ञ हवन कर नाग पंचमी मनायी गयी। नाग पंचमी सभी जीवो के सह अस्तित्व को मान्यता देने का पर्व है ऐसा केवल सनातन में ही संभव है।




