छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में ऐलान किया कि पुलिस महकमे में ट्रांसफर के लिए नई पॉलिसी बनाई जा रही है। इसके तहत अब पुलिस कर्मियों को नेता या मंत्री के दरवाजे पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पुलिसकर्मी ऑनलाईन आवेदन करेंगे और ट्रांसफर आदेश उनके घर पहुंच जाएगा। पुलिसकर्मी ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे इसके बाद ट्रांसफर आर्डर उनके पास पहुंच जाएगा। कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी ने विधानसभा में सवाल किया कि पुलिसकर्मी नक्सल क्षेत्रों से 2 या 3 साल में स्थानांतरित हो जाते हैं लेकिन कुछ 10 साल से भी अधिक समय से वहीं काम कर रहे हैं। उन्हें दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने की नीति भी होनी चाहिए।


उनका प्रश्न था कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की मैदानी इलाकों में नियुक्ति के लिए क्या नियम हैं? विभाग ने पदस्थापना के लिए क्या दिशा-निर्देश बनाए हैं? कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश कब तक जारी होंगे? उनकी आवास की क्या व्यवस्था है? उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि ट्रांसफर की पॉलिसी पहले से तैयार है। ट्रांसफर योग्य अधिकारी, कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन करेंगे। ट्रांसफर आदेश घर तक पहुंच जाएगा। अब नेता अधिकारी के यहां चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहीं गृहमंत्री पुलिस आवास को लेकर भी जवाब दिया। कहा कि 5 साल में पुलिस आवास पर काम नहीं हुआ है। सिर्फ 5 हजार मकान ही बने हैं। अब इस दिशा में सरकार और काम कर रही है। 18,355 आवास मौजूद है 898 आवास अभी निर्माणाधीन है।




