
बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पुराने प्राथमिक विद्यालय की जगह सामुदायिक भवन निर्माण के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय छात्राओं और ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस स्थान पर सामुदायिक भवन बनने से विद्यालयीन गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होगी। पालको का कहना है कि सामुदायिक भवन में होने वाले कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर, डीजे और भीड़भाड़ के कारण पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 100 मीटर की दूरी पर स्थित छात्रावास और शासकीय विद्यालय में रहने वाली छात्राओं को शोर-शराबे तथा असामाजिक तत्वों की आवाजाही से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ेंगी। इसके अलावा महिलाओं एवं छात्राओं को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन में छात्रों ने मांग रखी है कि इस स्थान पर सामुदायिक भवन की बजाय 100 सीटर कन्या छात्रावास, पुस्तकालय, वॉलीबॉल-बेडमिंटन मैदान या खेल परिसर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं। इससे छात्र हित सुरक्षित रहेगा और क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। छात्रों ने कहा कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन ऐसे निर्माण शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किए बिना वैकल्पिक स्थल पर किए जाएं। प्रशासन सामूहिक हित को देखते हुए प्रस्तावित सामुदायिक भवन को निरस्त कर पुनर्विचार करे।


