चर्च ऑफ क्राइस्ट मिशन इन इंडिया की जमीन को कूट रचना कर उसे फर्जी तरीके से बेचने के मामले में पाली तानाखार के पूर्व विधायक मोहितराम केरकेट्टा और उसके बेटे समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर होने के बावजूद अब तक पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। जबकि सिविल लाइन पुलिस उल्टे शिकायतकर्ताओं से ही साक्ष्य की मांग कर रही है। यही वजह है कि शिकायतकर्ता सिविल लाइन थाने के चक्कर काट रहे है और थाने के अंदर कुर्सी पर बैठे पुलिस को साक्ष्य देने के साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने उनसे फरियाद लगा रहे है।

पास्टर निखिल पॉल का आरोप है कि केरकेट्टा ने बिलासपुर में कब्रसतान के नाम दर्ज जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कूटरचना और षड्यंत्र कर खरीद-बिक्री की। शिकायतकर्ता के मुताबिक 5 करोड़ की जमीन को 99 लाख रुपए में खरीदा गया, जबकि खरीद-बिक्री का अधिकार किसी को नहीं है। आरोप है कि मोहितराम ने पद का दुरुपयोग कर बिलासपुर में कुदुदंड के चर्च ऑफ क्राइस्ट मिशन इन इंडिया के ‘कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज करीब एक एकड़ जमीन की खरीदी अपने बेटे शंकर केरकेट्टा के नाम पर की थी।कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में संलिप्त सभी के खिलाफ FIR तो दर्ज कर लिया है लेकिन अबतक किसी की भी गिरफ्तारी नही हुई है।शिकायतकर्ताओं ने सन्देह जताया है कि शायद आरोपित अपने ऊंची पहुंच और रंगदारी की वजह से पुलिस के हत्थे नही आ रहे है।




