

बिलासपुर :- लाख कोशिशों के बावजूद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने का नाम नहीं ले रही है। फेस्टिव सीजन शुरू होते ही हालात और ज्यादा बिगड़ जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम को जानकारी होने के बावजूद इस दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।शहर में सबसे ज्यादा अव्यवस्था सिम्स अस्पताल के पास देखने को मिलती है। यहां दोपहिया, चारपहिया, ऑटो और ठेले-खोमचे बेतरतीब खड़े रहते हैं, जिससे लंबा जाम लग जाता है। इस जाम में न सिर्फ आम लोग बल्कि गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस भी फंस जाती है, जिससे उनकी जान पर बन आती है।बीच-बीच में नगर निगम द्वारा खानापूर्ति करते हुए अभियान चलाया जाता है। इस दौरान बेजाकब्जा धारकों से विवाद तक की नौबत आती है। लेकिन जैसे ही निगम की नजर हटती है, हालात फिर से जस के तस हो जाते हैं और सड़कों पर अफरातफरी का माहौल बन जाता है।ट्रैफिक पुलिस की उदासीनता भी इस समस्या को और बढ़ा रही है। अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र की व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। नतीजा यह है कि ट्रैफिक जाम की समस्या शहरभर में विकराल रूप ले रही है।शहरवासी बार-बार मांग कर चुके हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। लेकिन नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के चलते हालात और बदतर होते जा रहे हैं। अब लोगों की उम्मीद प्रशासन से ठोस कार्रवाई और सख्त अमल की है।


