
छत्तीसगढ़ में शुक्रवार का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में बड़ा दिन माना जाएगा क्योंकि तकरीबन 210 नक्सलियों ने मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यहां आत्म समर्पण कर दिया मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के सामने नक्सलियों ने सरेंडर किया जिसके बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार उनके पुनर्वास और विकास के लिए पहल करेगी।वि ओ— 1— छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में देश के इतिहास का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण देखने को मिला। बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पुलिस आरक्षित केंद्र, जगदलपुर में अबूझमाड़ क्षेत्र के माड़ डिवीजन कमेटी के करीब 210 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों और राज्य सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया।इस आत्मसमर्पण का नेतृत्व केंद्रीय कमेटी मेंबर वासुदेव राव उर्फ रूपेश उर्फ सतीश कोपा उर्फ विकल्प ने किया। उनके साथ राजू सलाम, ललिता और भास्कर अन्ना समेत कई वरिष्ठ नक्सली कमांडर भी आत्मसमर्पण करने पहुंचे। नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस आरक्षित केंद्र में सुरक्षा बलों और समाज के प्रमुखों ने गुलाब के फूल देकर उनका स्वागत किया।इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा भी इस मौके पर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि “नक्सलियों का यह आत्मसमर्पण बस्तर में विकास की नई शुरुआत है। अब सरकार इनके पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापन के लिए ठोस नीति के तहत काम करेगी।” वहीं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि “छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है। उत्तर बस्तर अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुका है, और जल्द दक्षिण बस्तर में भी शांति स्थापित होगी।बाइट —– विष्णु देव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ बाइट —– विजय शर्मा गृहमंत्री छत्तीसगढ़वि ओ— 2- — आत्मसमर्पित नक्सलियों के पास से 153 हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन ने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद इन सभी नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा।इस ऐतिहासिक घटना के साथ ही अबूझमाड़ क्षेत्र में शांति स्थापना और विकास का नया अध्याय शुरू हो गया है।


