बहतराई के सरोज बिहार कॉलोनी के पीछे भूमाफियाओं ने किए बड़े पैमाने पर कच्ची प्लाटिंग, रास्ते के लिए कॉलोनी की ही थोड़ दी बाउंड्रीवाल।

बहतराई के सरोज बिहार कॉलोनी के पीछे भूमाफियाओ ने बड़े पैमाने पर कच्ची प्लाटिंग की है, जिसे जिम्मेदार इंजीनियर देखते रह गए। अब रास्ता देने के लिए कॉलोनी की बाउंड्रीवाल ही तोड़ दी गई। शहर से लगे वार्डों में लंबे समय से कच्ची प्लाटिंग का अवैध कारोबार चल रहा है। कुछ मामले में निगम ने कार्रवाई तो की, लेकिन कई लोगों को बख्श भी दिया। वही निगम का कहना है कि रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है बिल्डर द्वारा किसी भी प्रकार का निर्माण करने पर उस पर कार्यवाही की जाएगी।

सरोज विहार की बाउंड्रीवाल को तोड़कर अवैध प्लाटिंग के लिए रास्ता दिया जा रहा है। बहतराई के सरोज बिहार में लंबे समय से अवैध प्लाटिंग का कारोबार चल रहा है, लेकिन निगम ने आज तक यहां कोई कार्रवाई नहीं की। दरअसल, यहां प्लाटिंग करने वाले लोग नेताओं के करीबी हैं। यही कारण है कि निगम ने यहां अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर नहीं चलाया। कॉलोनीवासियों के अनुसार, नेता की शह पर जमीन मालिक सरोज विहार कॉलोनी की बाउंड्री के साथ मकान की बाउंड्री और मंदिर के रोड को तोड़कर रास्ता निकाल रहा है। विरोध करने के बाद फिलहाल काम रुका हुआ है। निगम अधिकारियों का कहना है और रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। यदि बिल्डर द्वारा कोई निर्माण कराया जाता है उसे तोड़ दिया जाएगा।

दरअसल, सरोज विहार कॉलोनी से रास्ता देने पर जमीन का रेट बढ़ गया है। यदि यहां से रास्ता नहीं मिलेगा, तो प्लाटिंग करने वाले को बहतरई बरती जाने वाले रोड से रास्ता निकालना पड़ेगा। ऐसे में प्लाट का कम रेट मिलेगा। गौरतलब हैं कि 15 गांवों को निगम में शामिल किए जाने के बाद से यहां तेजी से अवैध कॉलोनियां बसती जा रही हैं। निगम ने पिछले चार माह में अवैध प्लाटिंग पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। इससे पहले 393 लोगों को अवैध प्लॉटिंग के मामले में नोटिस जारी किया, लेकिन मौके पर 400 से ज्यादा मामले हैं। निगम के इंजीनियर ही कई भू माफिया को बचाते हैं।

बड़े पैमाने पर कच्ची प्लाटिंग के इस मामले में भवन शाखा के अधिकारियों की बड़ी भूमिका है, क्योंकि जब प्लॉट कटते हैं और बिना टीएनसीए अप्रूवल के मकान बनने लगते हैं, तब कर्रवाई करने नहीं जाते। शासन का दबाव होता है, तब कुछ लोगों को नोटिस दिया जाता है, बाकी को छोड़ देते हैं। मोपका, चिल्हाटी, घुरु-अमेरी, बिस्कोना रोड, बहताई, खमतराई, मंगला, महमंद रोड और रायपुर रोड में कच्ची प्लाटिंग के मामले हैं। विधानसभा में हर बार अवैध प्लाटिंग का का मामला उठता है, इसके बाद भी इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग रहा है। पूरे प्रदेश में अवैध प्लाटिंग में बिलासपुर नंबर 1 पर है।

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