शहर में बिना मान्यता प्राप्त चल रहे स्कूलों और सीबीएसई और सीजी बोर्ड में चल रहे पुस्तकों के अलावा भी निजी स्कूलों में दूसरी पुस्तक मंगा कर अभिभावक को परेशान करने की शिकायत कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से की गई है, छात्र संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करते हुए तत्काल कार्यवाही करने की मांग की है।

जिले में बिना मान्यता प्राप्त कई स्कूल संचालित है जिसकी शिकायत लगातार शिक्षा अधिकारी से की गई है साथ ही सीबीएसई और सीजी बोर्ड पुस्तकों के अलावा निजी प्रकाशकों की पुस्तक मंगा कर अभिभावकों की जेब पर बोझ हा डाला जा रहा है। शिक्षा विभाग से इसकी शिकायत करने सोमवार को छात्र संघ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत पहले भी जिला शिक्षा अधिकारी से की गई थी उसके बाद भी जब इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तब कलेक्टर से शिकायत की गई है।

कलेक्टर से शिकायत में आगे कहा गया महामाया पब्लिक स्कूल रतनपुर में सत्र 2022 एवम 23 में टोटल आरटीई के तहत अध्ययनरत 443 बच्चो ने ड्रॉप आउट किया है। शहर स्थित प्रतिष्ठित स्कूलों में भी इतनी अधिक संख्या में आरटीई के छात्र छात्राएं नहीं है फिर इस स्कूल में इतने आरटीई के बच्चे कैसे अध्यनरत थे इसकी जांच हो, वही इतनी अधिक संख्या में आखिर दो साल के भीतर आरटीई के तहत अध्यनरत बच्चों ने ही ड्रॉप आउट क्यों किया, क्या कारण है इसकी जांच का विषय है। शिकायत में कहा गया कि सरकार के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। इस मामले की शिकायत पूर्व में भी हुई थी, जिस पर डीईओ ने जांच बिठाई थी, उन्होंने जांच अधिकारी से दो दिन में जांच कर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन आज एक माह से ज्यादा समय हो गया है, जांच रिपोर्ट का पता नहीं है।



