मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उसी जगह से उड़ रही है जिन सरकारी भवनों की जिम्मेदारी इस अभियान को लागू करने की है, जी हां हम बात कर रहे हैं बिलासपुर के नए कंपोजिट बिल्डिंग की जहां शासन प्रशासन के सभी प्रमुख कार्यालय स्थित है। मोटी रकम खर्च कर नई कंपोजिट बिल्डिंग को भव्य रूप तो दे दिया गया है। कलेक्टोरेट से लगी नई कंपोजिट बिल्डिंग को 14 करोड़ रुपए के भारी-भरकम रकम खर्च कर तैयार किया गया है। इतनी रकम खर्च होने के बाद भी यहां आम लोगों की सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया गया।


यहां सबसे बड़ी समस्या जगह-जगह पर गंदगी की है। बिल्डिंग में भू-तल से लेकर तीसरी मंजिल तक करीब 22 शासकीय कार्यालय हैं। साफ-सफाई को लेकर एक बार फिर से बिल्डिंग बदरंग होने लगी है। बिल्डिंग में कार्यालय शुरू होने के बाद यहां गंदगी फैलने से रोकने के लिए स्वच्छता अभियान के समय भी यहां बढ़-चढ़कर सफाई का ढिंढोरा पीटा गया था। अब यह मुहिम भी फीकी पड़ गई है। जगह-जगह पान गुटखे की पीक और सफाई नहीं होने से धूल जमी हुई है। यह स्थिति भूतल से लेकर तीसरी मंजिल तक है।

इसलिए परेशानी अब आम है। इसके बावजूद अभी तक कई जगहों पर गंदगी देखी जा सकती है। इसकी शिकायत अफसरों से कई बार हो चुकी है। फिर भी बदहाली का दौर जारी है। वैसे इन दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों के अलावा रोजाना काम लेकर पहुंचने वाले लोगों का भी दोष कम नहीं है, जिनमें इतनी भी सभ्यता नहीं है कि सीढ़ियों के आसपास इस तरह से पान गुटखा खाकर दीवारों को रंगीन नहीं करना चाहिए।




