
बिलासपुर के राघवेंद्र राव भवन में 7 से 16 नवंबर तक आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेला का भव्य समापन हुआ। लगातार दूसरे वर्ष आयोजित यह पुस्तक मेला न सिर्फ बिलासपुर, बल्कि आसपास के जिलों के पाठकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। किताबों की महक, नए शीर्षकों की रौनक और विभिन्न लेखकों से संवाद… हर दिन मेले में उत्साह और ऊर्जा का माहौल दिखाई दिया।समापन समारोह में नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर में राष्ट्रीय स्तर का पुस्तक मेला होना बेहद गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि किताबें व्यक्ति के भीतर ज्ञान का उजाला भरती हैं और उसे संस्कृति, परंपरा व जीवन मूल्यों की गहरी समझ देती हैं।संजय श्रीवास्तव ने पुस्तक मेले को साहित्य और संस्कृति का वास्तविक उत्सव बताते हुए आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया और साहित्य से लेकर विज्ञान, इतिहास, मोटिवेशन, प्रतियोगी परीक्षाओं तक की विविध किताबों ने पाठकों का मन मोह लिया।समापन के साथ ही साहित्य प्रेमियों ने अब अगले वर्ष के मेले का इंतजार शुरू कर दिया है।


