
बिलासपुर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा विभाग ने “मिशन 90 प्लस” अभियान की शुरुआत की है। इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षाओं में जिले का परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक करना है। इसी के तहत शिक्षकों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया, ताकि विद्यार्थियों के मार्गदर्शन को और बेहतर बनाया जा सके। कार्यक्रम का आयोजन शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलासपुर में किया गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला में जिलेभर से कक्षा 10वीं और 12वीं के व्याख्याता शामिल हुए। कार्यशाला में शिक्षकों को विद्यार्थियों को प्रभावी, रोचक और लक्ष्य आधारित तरीके से पढ़ाने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिले के शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 काल के बाद अब शिक्षा व्यवस्था फिर से मजबूत करने का समय है। अधिकारियों ने बताया कि कई विद्यार्थी जो कोरोना काल में प्रारंभिक कक्षाओं में थे, अब बोर्ड परीक्षाओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। “मिशन 90 प्लस” के तहत प्रत्येक विद्यालय, प्रत्येक शिक्षक और प्रत्येक छात्र को मिलकर एक टीम की तरह काम करने की अपील की गई। लक्ष्य है कि बिलासपुर जिला इस वर्ष राज्य के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाए। कार्यशाला में विजय टांडे सहित विभिन्न संसाधन व्यक्तियों ने शिक्षकों को प्रश्नपत्र विश्लेषण, समय प्रबंधन और विद्यार्थियों की मानसिक तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय को अपने परिणाम सुधारने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी प्रदान किए गए। शिक्षा विभाग का यह प्रयास न केवल शिक्षकों बल्कि विद्यार्थियों में भी नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार कर रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि “मिशन 90 प्लस” बिलासपुर जिले को शैक्षणिक उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों तक ले जाने में कितना सफल होता है।


