रेलवे परिक्षेत्र की रामलीला बिलासपुर की पहचान बन चुकी है। हिंदुस्तानी सेवा समाज के द्वारा पिछले 74 वर्षों से यहां लगातार रामलीला का मंचन किया जा रहा है।जहां आसपास के लोगों के अलावा दूर-दूर से भी भक्त इस रामलीला मंचन को देखने पहुंचते हैं। इसी कड़ी में रामलीला और दशहरा उत्सव समिति का आयोजन 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक किया जा रहा है जिसके तहत 9 दिनों तक रामलीला मंचन के अलावा दसवे दिन रावण का दहन किया जाएगा। क्षेत्र का यह मंचन सनातनी संस्कृति को आज भी जीवित बनाए हुए हैं रामायण के पात्रों के जरिए नई पीढ़ी को धर्म कर्तव्य और सेवा की सीख दी जा रही हैं, गुरुवार से रामलीला मंचन की शुरुआत हुई ।

बिलासपुर जिले के अकलतरी ग्राम से पहुंचे श्री रामलीला मंडली के द्वारा यहां भगवान श्री राम के बाल्य काल से लेकर रावण वध तक का मंचन यहां किया जाएगा। गुरुवार को रामलीला की औपचारिक शुरुआत हुई।जहां हिंदुस्तानी सेवा समाज के सदस्यों ने रामलीला मंचन के कलाकारों की आरती उतारकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। रेलवे परिक्षेत्र का यह रामलीला मंचन इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि आजादी के समय से यहां रामलीला का मंचन होता आ रहा हैयही वजह है कि बिलासपुर के पुराने समय के रामलीला मंचन को आत्मसात करने भक्त भी पूरे 9 दिनों तक यहां पहुंच कर कलाकारों को प्रोत्साहित भी करते हैं।



