
मेमू लोकल ट्रेन हादसे की जांच में जुटे रेलवे सुरक्षा आयुक्त सीआरएस बी.के. मिश्रा चौथे दिन फिर से लाल खदान घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों से तकनीकी बिंदुओं पर चर्चा की।बताया जा रहा है कि सीआरएस लगातार चार दिनों से इस हादसे की बारीकी से जांच कर रहे हैं।पहले दिन उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया था, जिसके बाद दो दिनों तक बिलासपुर डीआरएम ऑफिस में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की गई।जांच के तीसरे दिन मृत लोको पायलट विद्यासागर का बैग और मोबाइल घटनास्थल से बरामद किया गया, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।सीआरएस की टीम हादसे के तकनीकी पहलुओं, सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक से जुड़ी संभावित गड़बड़ियों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना में चूक किस स्तर पर हुई चालक दल की या फिर तकनीकी विभाग की।रेल हादसे के बाद से पूरे प्रदेश में यह चर्चा बनी हुई है कि आखिर इतने बड़े हादसे का असली जिम्मेदार कौन है। सीआरएस की रिपोर्ट का सभी को इंतजार है, क्योंकि इसी रिपोर्ट से तय होगा कि लोको पायलट और परिचालक ही दोषी हैं या फिर रेलवे तंत्र की किसी बड़ी लापरवाही ने यह त्रासदी जन्म दी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई तय होगी।


