बिलासपुर वन मंडल अधिकारी सत्यदेव शर्मा के निर्देश पर प्रशिक्षु आईएफएस अभिनव कुमार उपवन मंडल अधिकारी के नेतृत्व में बिल्हा के साईं सॉ मिल में छापेमार कार्यवाही की गई। बिलासपुर सर्कल, बेलतरा सर्कल, सोठी सर्कल के वन कर्मचारी का एक टीम बनाकर बिल्हा मोड़ के पास साईं सॉ मिल हिर्री में मुखबिर की सूचना के आधार पर दबिश दिया गया, जहां पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्रजाति के कहुआ लकड़ी भारी मात्रा में चिरान कर रहा था जो कि प्रतिबंधित है।



ये विनिर्दिष्ट प्रजाति का है, जिस पर काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत चिरान करना पूर्ण प्रतिबंध है, साथ ही साथ अर्जुन प्रजाति का वृक्ष एक औषधि वृक्ष प्रजाति है जिसका संरक्षण और संवर्धन अनिवार्य है। अर्जुन प्रजाति के वृक्ष धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहा है, इस प्रजाति को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पृथक से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।साई सॉ मिल संचालक ललित उपाध्याय है लेकिन गुरुवार मौके पर ललित उपाध्याय का बेटा मिल का संचालन कर रहा था। जिसके द्वारा प्रतिबंधित अर्जुन प्रजाति के लकड़ी के संबंध मे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया।


इतना ही नही मिल के प्रांगण में बिना किसी वैध लाइसेंस के कटर मशीन का संचालन किया जा रहा था। सॉ मिल संचालक द्वारा कास्ट चिरान अधिनियम का उल्लंघन पाए जाने पर वन विभाग द्वारा काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 के तहत वन अपराध पंजीबद्ध कर सॉ मिल पर सील बंद की कार्यवाही की गई। जप्त अर्जुन लकड़ी की अनुमानित क़ीमत 5 लाख है।कार्यवाही में वन परी क्षेत्राधिकार पल्लव नायक, सर्किल फॉरेस्ट ऑफिसर वेद प्रकाश शर्मा, जितेंद्र साहू, नमित तिवारी, अब्दुल हाफिज खान, बीट फॉरेस्ट ऑफिसर नीतीश भार्गव, पन्ना लाल जांगड़े, ललित श्रीवास, रामाधार बंजारे, रविन्द्र महिलांगे शामिल रहें।


