साल भर से बंद ऑटोमैटिक कोच वॉशिंग प्लांट को एक बार फिर से शुरू किया गया है। तकनीकी खराबी के चलते यह साल भर से बंद पड़ा हुआ था। अब इसके शुरू होते ही लंबी ट्रेन को कुछ ही मिनटों में धोकर साफ किया जा सकता है।



रेलवे भी अपने यात्रियों को कई तरह की नई सुविधाएं देने की कोशिश कर रही है. यह सुविधाएं आपके ट्रैवेल को सुविधाजनक के साथ संक्रमण से दूर रखने में भी मदद करेंगी. रेलवे की यह हमेशा कोशिश रहती है कि वह यात्रियों को रेलवे स्टेशन और ट्रेन में साफ सफाई की सुविधा दे सकें. पिछले कुछ दिनों में साफ-सफाई को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं. उन्हीं में से एक ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट है. बिलासपुर में भी यह प्लांट लगाया गया था, लेकिन पिछले एक साल से यह प्लांट बन्द था। तकनीकी खराबी के चलते साल भर से मैनुअल तरीके से कोच की धुलाई हो रही थी। अब जाकर इसे एक बार फिर से शुरू किया गया है। बिलासपुर स्टेशन के कोचिंग डिपो पर इस सुविधा की शुरुआत फिर से होने से कोच की धुलाई में समय के साथ साथ पानी की भी बचत हो रही है।


ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट के जरिये ट्रेन की 24 बोगियों को 10 से 15 मिनट के अंदर साफ कर दिया जा रहा है. इसके साथ ही इससे पानी की भी बचत हो रही हैं. साथ ही यह रेलवे में ट्रेन की सफाई करने के लिए लगने वाले मैनपॉवर की भी बचत करता है. इसके साथ ही समय की भारी बचत होती है. पहले ट्रेन की सफाई में कई घंटों का समय लगता था।


