शनिवार को बिलासपुर पुलिस की ओर से बिलासागुड़ी में एक दिवसीय जीवन जीने का कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां पहुंचे पुलिस के परिवार वालों को एसपी ने विशेष तरह से जीवन जीने की पाठ पढ़ाते हुए सम्मानित भी किया।

जीवन जीने का कौशल कार्यक्रम बिलासपुर पुलिस के मुखिया एसपी रजनेश सिंह की ओर से शुरू की गई सराहनीय पहल में से एक है। इसके जरिये ही पुलिस परिवार के ऐसे बच्चे जो होनहार होने के बावजूद अपने भविष्य को लेकर कई तरह की समस्याओं से जूझते है। जिन्हें जीवन जीने का सलीका बताते हुए उन्हें अपने उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए आगे क्या करना है इस तरह की तमाम जानकारियां उन्हें दी गयी और उनसे सुझाव भी लिए गए।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुखिया होने के नाते वे जो हर सम्भव मदद हो सकता है पुलिस परिवार के होनहार बच्चों के लिए करेंगे।यहां पहुंचे एकेडमिक एवं स्किल डेवलोपर ने बताया कि महाराष्ट्र से पहुंचे ट्रेनर्स पुलिस परिवार के बच्चों के साथ उनके माता पिता को भी जीवन जीने की कलह सीखा रहे है। क्योंकि पुलिस का काम हमेशा से ही तनावपूर्ण रहता है। ऐसे में वे घर पहुंचे तो अपने परिवार और बच्चों के साथ कैसा बर्ताव करें इसकी जानकारी दी जा रही है। एनके मिश्रा ने बताया कि मोटिवेशनल के दौरान एक पुलिस परिवार की होनहार बच्चियों ने कहा कि वे आईपीएस बनना चाहती है। जिन्हें वे आगे गाइड करने के साथ मोटिवेट भी करते रहेंगे।



बिलासागुड़ी में आयोजित जीवन जीने की कला कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्तताओ द्वारा बताया गया कि वे अपने जीवन को और कैसे बेहतर तरीके से जी सकते है। इस पर सॉफ्ट और हार्ड स्किल के सम्बंध में प्रकाश डाला गया। फिलहाल यह भी बताया गया कि अपने जीवन को और सरल एवं सहज बनाना ही जीवन कौशल है। अनुकूली तथा सकारात्मक व्यवहार की वे योग्यताएँ हैं जो व्यक्तियों को दैनिक जीवन की माँगों और चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सक्षम बनाती हैं। इस तरह के आयोजन भविष्य में और भी किये जायेंगे।





