बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सक किन किन समस्याओं से जूझ रहे है। उन तमाम समस्याओं और स्वास्थ्य सेवाओं से सम्बंधित नीतिगत सुझाव के साथ आईएमए के पदाधिकारी बिलासपुर प्रेस क्लब पहुंचे। आईएमए के प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ने सर्वप्रथम बताया कि प्रदेश और बिलासपुर के चिकित्सक संघ के लिए बड़ी बात है कि आयुष्मान के द्वारा नीति आयोग की ओर से आयोजित मीटिंग में देशभर के दो डॉक्टरों को बुलाया गया था। जिसमे से बिलासपुर के डॉक्टर और आईएमए पदाधिकारी हेमंत चटर्जी को आमंत्रित किया गया था।


इसके अलावा आईएमए ने बताया कि इनकी मांगों में डॉक्टर प्रोटेक्शन केंद्रीय कानून बनाना, आईएमए के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विभिन्न पद्धतियों के मिश्रण को रोकने की मांग, 50 बिस्तरों के अस्पतालों और क्लीनिकों को इस्टैब्लिशमेंट एक्ट से छूट देने की मांग, स्वास्थ्य सम्बंधित सेवाओं और उपकरणों में जीएसटी लगाना बन्द करने की मांग, मेडिकल प्रोफेशन को न्याय संहिता में चिकित्सा सेवा प्रदाता को आपराधिक अभियोजन से बाहर रखा जाए, आईएमए को उपभोक्ता फोरम एक्ट से मुक्त की जाए, पीएस पीएनडीटी एक्ट में बदलाव करने की मांग, मेडिकल स्नातक छात्रों को बांड बंधुआ सेवाएं बन्द कराने की मांग, संविदा और कांट्रेक्ट नियुक्ति चलन बन्द करने और स्थाई पदों के निर्माण करने की मांग इसके साथ ही आईएमए ने अपनी मुख्य मांग आयुष्मान के बकाया से अवगत कराते हुए बताया कि पिछले 6 से 7 महीने से उनका 70 प्रतिशत बकाया रुका हुआ है, जबकि अबतक केवल 30 प्रतिशत ही भुगतान किया गया है। इसके अलावा नया हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण किया जा रहा है जो भविष्य के लिए बड़ा गम्भीर विषय है।



आईएमए ने चिकित्सा क्षेत्र और अपनी तमाम समस्याओं से जुड़े 64 पन्नों का प्रारूप तैयार कर मांग पत्र के रूप में लोकसभा के अलग अलग पार्टियों के प्रत्याशियों को सौंपने की बात कही जा रही है।अबतक मांग पत्र बिलासपुर लोकसभा प्रत्याशि तोखन साहू सहित अन्य को सौंपा गया है जल्द हो कांग्रेस के प्रत्यासी देवेंद्र यादव को भी सौंपी जाएगी।





